प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने बांग्लादेश दौरे के दौरान वहां की पीएम शेख हसीना की जमकर तारीफ की।हसीना की तारीफ करते हुए मोदी ने कहा कि जब प्रमुख देश आतंकवाद जैसी चुनौती से निपटने के बारे में भ्रमित हैं तो वहीं उनकी दृढ़ता आतंकवाद को परास्त करने के लिए अन्य देशों के लिए एक प्रेरणा है।मोदी ने कहा, विश्व के देशों को समझ नहीं आ रहा है कि आतंकवाद से कैसे निपटें, संयुक्त राष्ट्र भी उनका मार्गदर्शन करने की स्थिति में नहीं है, यह दिल को छूने वाली बात है कि एक महिला होने के बावजूद बांग्लादेश की प्रधानमंत्री खुलकर कह रही हैं कि वह आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगी।वहीं प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत को भरोसा दिलाते हुए कहा कि बांग्लादेश आतंकवाद और चरमपंथ से निपटने में कतई बर्दाश्त नहीं करने का रुख अपनाना जारी रखेगा क्योंकि आतंकवादी दोनों देशों की बीच मौजूद खुली सीमा का फायदा उठाया करते हैं।उन्होंने अपनी व्यापक वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ एक संयुक्त मीडिया बातचीत में कहा,हम अपनी सीमाओं को शांतिपूर्ण और समृद्ध बनाने के लिए आतंकवाद और चरमपंथ के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने का रुख अपनाना जारी रखेंगे।बांग्लादेश और भारत 4,096 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं जिनमें से ज्यादातर खुली है।वार्ता में दोनों देश सुरक्षा सहयोग बढाने के तरीके निकालने पर राजी हुए। जनवरी 2009 में हसीना सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध में सुधार हुआ है। हसीना सरकार ने उन आतंकवादियों के खिलाफ कदम उठाये हैं जो बांग्लादेश में शरण लिये हुये हैं।पाकिस्तान समर्थित कट्टरपंथी तत्वों की गतिविधियों में बांग्लादेश में कमी आई है। हसीना ने कहा,हमारी बहुत सार्थक वार्ता हुई है।हमारी बातचीत गर्मजोशी भरी, स्पष्ट और आशावादी रही।हमने एक दूसरे की चिंताओं और वरीयताओं को समझा।हमने अपने बढते संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा की।अधिकारियों ने बताया कि शिष्टमंडल स्तर की वार्ता में दोनों देश सुरक्षा से जुडे मुद्दों में सहयोग बढ़ाने को राजी हुए।